Solar Inverter Kya Hai । सोलर इन्वर्टर कितने प्रकार के होते है । सोलर इन्वर्टर कीमत 2023

Solar Inverter Kya Hai । सोलर इन्वर्टर कितने प्रकार के होते है । सोलर इन्वर्टर कीमत 2023

आज हम आपको बताने वाले है Solar Inverter Kya Hai (What Is Solar Inverter Technology in Hindi) इन्वर्टर टेक्नोलॉजी क्या है| कैसे काम करती है, सोलर इन्वर्टर सिस्टम, लिस्ट, मूल्य, प्राइस (What Is Solar Inverter Technology in Hindi, How Is Work, Connection, Price, Cost)

इन्वर्टर आजकल हर घर की जरूरत बन गया है, और यह हर घर में आसानी से मिल भी जाता है. भारत में बिजली की समस्या से कोई भी अनजान नही है. इसलिए हर घर में पाया जाने लगा है. इसकी वजह है बार-बार लाइट का जाना लाइट जाते ही लोग बहुत ज्यादा परेशान हो जाते है. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग अपने ऑफिस, घरों में इन्वर्टर लगवाने लगे है, ताकि उनके ऑफिस और घरों में बिजली की सप्लाई निरंतर आती रहे.

दोस्तो आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे इन्वर्टर क्या है और यह कैसे काम करता है, कैसे इसको प्रयोग में लेना चाहिए. अगर आप बिजली की समस्या से दुखी होकर इन्वर्टर खरीदने का सोच रहे है तो यह लेख आपको बहुत सहायता करने वाला है. बस अपको हमारे इस लेख को ध्यान से पढ़ना है जिसे आपको इन्वर्टर से जुडी हर जानकारी विस्तार से पता चल सके तो. आईए शुरू करते है आज के हमारे इस लेख को 

आज के समय में प्रत्येक घर, ऑफिस, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, दुकान हर जगह इन्वर्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि आज के समय में किसी भी व्यक्ति से 1 मिनट की गर्मी भी सहन नही होती इसलिए हर जगह इन्वर्टर पाया जाने लगा है लेकिन आधे से ज्यादा को इसे चलाने की जानकारी नही है कैसे हैं इसे प्रयोग में ला सकते है आज के हमारे इस लेख में हम आपको इन्वर्टर से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी देना चाहते है तो आईए जानते है इसकी पूरी जानकारी.

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 What Is Inverter । इन्वर्टर क्या होता है

आज के समय में हम पूरी तरह बिजली पर आश्रित हो गए है क्योंकि हर छोटी से छोटी चीज भी बिजली से चलने लगी है अगर किसी समय थोड़ी देर के लिए भी बिजली चली जाती है तो हमारे काम में रुकावट आ जाती है. और बिजली के चले जाने से नुकसान होने की संभावना भी हो जाती है.

क्योंकि हम पूरी तरह बिजली पर ही निर्भर हो गए है. इसलिए बिजली बाधित होने से नुकसान होता है. क्योंकि ज्यादातर चीजे बिजली से ही चलती है जैसे, मशीन, फ्रीज, कूलर, एसी और ये सभी चीजे बंद हों जाने से हमारे काम में बाधा आ जाती है फिर हम इन्वर्टर का इस्तेमाल करने की सोचते है इन्वर्टर ही एक ऐसी चीज है जो बिजली चले जाने पर हमारी जरूरत हो पूरा करता है 

Solar Inverter Kya Hai । सोलर इन्वर्टर कितने प्रकार के होते है । सोलर इन्वर्टर कीमत 2023

 अगर आपका इन्वर्टर हाई क्वालिटी का है तो इन्वर्टर से हम जो मर्जी चला सकते है लेकिन वो हमारे इन्वर्टर पर निर्भर करता है कितना छोटा है या बड़ा, इन्वर्टर को हम एक तरह का Sport System भी कह सकते है, क्योंकि इन्वर्टर को पॉवर हाउस से बिजली ना मिलने पर भी वो हमारे घर, ऑफिस, फैक्ट्री में बिजली से चलने वाले उपकरणों को बिजली प्रदान करता है. इन्वर्टर के प्रकार कई तरह के है वो आपको देखना है अपको कहा पर लगवाना है जैसे घर के लिए अलग होगा, फैक्ट्री के लिए उस से बड़ा होगा तो अपने हिसाब से चूज कर सकते है।

 What Is Solar Inverter । सोलर इन्वर्टर क्या होता है

अब हम आपको बताएंगे सोलर इन्वर्टर के बारे में, ये होता क्या है, काम कैसे करता है, कैसे चार्ज होता है इसके नाम से ही आप अंदाजा लगा सकते हो ये क्या होता है सोलर इन्वर्टर का मतलब होता है सोलर से चलने वाला इन्वर्टर. ये बिजली से चार्ज होने वाले इन्वर्टर से काफी अलग होता है, और अलग ही तरीके से कार्य करता है

और थोड़ा महंगा भी आता है. लेकिन इसमें कई तरह के फीचर्स भी पाए जाते है जो आपको अट्रैक्ट करते है. यह सोलर इन्वर्टर सूर्य की किरणों द्वारा और पावर सप्लाई द्वारा भी चार्ज होता है. ये सोलर इन्वर्टर ऐसा है इसमें आपको एक बार खर्चा करना पड़ेगा और फिर आप इसकी सुविधा का लाभ उठा सकते है

 How Is Work Solar Inverter। सोलर इन्वर्टर काम कैसे करता है

अब हम आपको बताएंगे सोलर इन्वर्टर काम कैसे करता है, कैसे ये इन्वर्टर हमारे घर में बिजली सप्लाई कर सकता है. सोलर इन्वर्टर हो या कोई आम इन्वर्टर हो, वो तब ही बिजली सप्लाई पहुंचा पाएगा जब वो खुद चार्ज होगा, उसमे वो क्षमता होगी की वो कही बिजली को पहुंचा पाए. अगर हम सोलर इन्वर्टर की बात करे तो यह सूर्य की किरणों से चार्ज हो जाता है अगर सूर्य की किरणे नही है तो यह अपने आप को घर की पावर सप्लाई से खुद को जोड़ कर चार्ज होने लगता है

सोलर इन्वर्टर, सोलर पैनल के माध्यम से चार्ज होता है और इस तरह घर में पावर सप्लाई आती इन दोनो के माध्यम से सोलर इन्वर्टर को चार्ज किया जा सकता है और इसके बाद घर में बिजली आ सकती है, समय के अनुसार जब मौसम खराब हो जाता है जैसे आंधी आ जाती है, बारिश आने लगती है, या सर्दियों की बात करे इस समय ज्यादा धूप नही आती तो इस समय सोलर इन्वर्टर घर की मुख्य सप्लाई द्वारा खुद को चार्ज करता है

अगर हम बात कर आम इन्वर्टर की तो यह इन्वर्टर सिर्फ पावर सप्लाई से ही चार्ज हो सकता है अगर घर में 7 दिन बिजली ना आए तो हमारा आम इन्वर्टर 2 दिन मुस्किल से चल पाएगा, आम इन्वर्टर बिजली की खपत ज्यादा करता है, क्योंकि इसको चार्ज करने के लिए पावर सप्लाई की जरूरत होती है, जो यह ज्यादा लेता है

 How inverter works । इन्वर्टर कैसे काम करता है

यह एक ऐसा सिस्टम टेक्नोलॉजी है जो Ac को Dc में तुरंत बदल देता है, और इसके साथ ही Dc वोल्टेज को Ac वोल्टेज में कनवर्टर कर देता है और इस माध्यम से इन्वर्टर की बैटरी भी चार्ज हो जाती है.

घर में जो आम इन्वर्टर होता है वो घर के मैन पॉवर सप्लाई पर आश्रित होता है अगर मैन लाइट नही आयेगी तो इन्वर्टर चार्ज नही होगा. क्योंकि आम इन्वर्टर सिर्फ घर की मैन पॉवर पर आश्रित होता है.

इन्वर्टर घर की मैन पॉवर की सप्लाई को बायपास लेकर उत्पाद (Output) करता है और इसी वजह से इन्वर्टर DC से AC में परिवर्तन नही हो पाता. अगर घर की मैन पॉवर सप्लाई बंद हो जाती है तो इन्वर्टर ऑटोमैटिक बैटरी से सप्लाई लेता है और उस सप्लाई को Ac से Dc में परिवर्तन कर देता है.

 What’s Is Type Inverter । इन्वर्टर कितने तरह के होते है 

अब हम आपको बताएंगे इन्वर्टर कितने तरह के होते है. इस से अपको अच्छे से समझ आ जाएगा की कोनसा इन्वर्टर आपके लिए अच्छा रहेगा कोनसा ज्यादा बिजली लेता है, कोनसा कम.

Pure Sign Wave Inverter (प्योर साइन वेव इन्वर्टर) – इन इन्वर्टेरो की कैपेसिटी जो होती है वो हाई होती है, इन इन्वर्टेरो से आप बड़ी चीजे आसानी से चला सकते है, ये इन्वर्टर जल्दी चार्ज होने के साथ – साथ कम बिजली भी लेते है. मगर ये इन्वर्टर महंगे जरूर आते है. लेकिन इनकी चलने की जो क्षमता होती हैं वो ज्यादा अच्छी है

Modified Sign Wave Inverter (मॉडिफाई साइन वेव इन्वर्टर) – ये इन्वर्टर लॉ ग्रेड के सिंपल से इन्वर्टर होते है. इन इन्वर्टेरो को शुरू से ही कम कैपेसिटी वाले बनाए गए थे, ये इन्वर्टर ज्यादा चलते भी नही है जल्दी ही इनमे दिक्कत, खराबी आने लगती है और इनको चार्ज होने में भी ज्यादा समय लगता है और साथ ही चार्ज होने के लिए ज्यादा बिजली भी लेते है, ज्यादा बिजली लेंगे तो ज्यादा भी बिल भी आता है फिर, तो आप चूज कर सकते है अपको कोनसा इन्वर्टर अच्छा लगा.

 What are the advantages of inverter । इन्वर्टर के क्या – क्या फायदे है 

1. अगर आपके घर की लाइट चली जाती है और आपका इन्वर्टर चार्ज है तो आपके घर में अंधेरा नही हो सकता है. अपको अंधेरे में रहने की नोबत नही आएगी, आप अपने इन्वर्टर से अपने घर के उपकरण चला सकते है.

2. इन्वर्टर चलते समय किसी भी प्रकार की आवाज नही करते है. क्योंकि ये इन्वर्टर शोर मुक्त होते है, जबकि शुरू में जो इन्वर्टर आते थे वो बहुत ज्यादा शोर किया करते थे.

3. इन इन्वर्टर को रखने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नही होती, ये थोड़ी सी जगह में भी आ जाते है. इन इन्वर्टर को आप आसानी से कही भी रख सकते है बे अपको पानी से दूर रखना पड़ता है.

4. ये इन्वर्टर ज्यादातर उपकरणों का सहयोग करते है. इन इन्वर्टर से आप एक साथ 4,5 उपकरण चला सकते है अगर वो हाई कैपेसिटी के नही है तो ज्यादा उपकरणों को एक साथ साथ चलाने के लिए आपको हाई लेवल का इन्वर्टर लेना पड़ेगा उसमे आप घर के बड़े उपकरण आसानी से चला सकते है.

5. इस इन्वर्टर को चलाने के लिए आपको किसी पेट्रोल, डीजल की जरूर नही पड़ती है क्योंकि ये घर की मैन पॉवर बिजली से चार्ज होता है और बिजली जाने पर इन्वर्टर अपनी बैट्री से पॉवर लेकर फिर घर में रोशनी करता है

 What Is Diffrence UPS Aur Inverter (UPS और Inverter में क्या फर्क है)

वैसे तो इन दोनो का कार्य एक ही होता है बिजली की सप्लाई को आगे प्रोवाइड करवाना. लेकिन इनकी कैपेसिटी में फर्क होता है, जैसे इन दोनो की जो कार्य क्षमता होती है वो एक दूसरे से काफी अलग है और इन दोनों में काफी फर्क भी होता है तो आइए आपको बताते है इन दोनो के बीच के फर्क को कैसे ये दोनो एक दूसरे से कितने अलग है :-

 1. इन्वर्टर घर की मैन पॉवर से बिजली लेकर चार्ज होता है लेकिन यूपीएस पूरी तरह अपनी बैटरियों पर आश्रित होता है.

2. इन्वर्टर की कीमत लगभग 11,12 हजार से शुरुआत हो जाती है और यूपीएस की कीमत लगभग 2500 रूपए के आस पास होती है.

3. यूपीएस का इस्तेमाल हम कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर में ही करते है. यूपीएस का काम होता है, जब लाइट चली जाती है तो उसको 20 – 25 मिनट तक चलाए रखता है जिसे एक दम लाइट जाने से कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर ना चला जाए 

4. इन्वर्टर एक बार फुल चार्ज होने के बाद 1,2 दिन निकाल सकता है अगर आप ज्यादा हाई उपकरण ना चलाओ तो और यूपीएस सिर्फ 15 – 20 मिनट तक ही कंप्यूटर को सप्लाई दे सकता है

 उम्मीद करता हूँ की आपको Solar Inverter Kya Hai से जुड़ी जानकारी पढ़ कर अच्छा लगा होगा. अगर आपको हमारे द्वारा बताई गई “सोलर इन्वर्टर और आम इन्वर्टर” में फर्क साफ समझ आया हो तो आप कॉमेंट के माध्यम से हमे बता सकते है और इस पोस्ट को अपने रिश्तेदारों, दोस्तो के साथ साझा (Share)भी कर सकते है अगर आपको कुछ पूछना है तो आप कॉमेंट के माध्यम से या डायरेक्ट मुझे मैसेज भेज कर पूछ सकते है धन्यवाद.

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